College Love Story in Hindi | 0524

College Love Story in Hindi

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एक मधु नाम की लड़की थी 14 मार्च 19 साल की को और उसके b.a. ग्रेजुएशन पहली सेमेस्टर में एडमिशन लिया था। मधुर एक बहुत ही ज्यादा सुंदर और सुशील लड़की थी। मधु बिना फालतू में किसी से कोई भी बातचीत नहीं किया करती थी लेकिन बहुत सारे लड़के उसकी शराफत बहुत ज्यादा फायदा उठाते थे और उसे कॉलेज में बहुत ज्यादा परेशान किया करता था।


एक दिन की बात है मधु कॉलेज के गेट से कॉलेज अंदर जा ही रहे थे कि रास्ते में उसकी सीनियर लोग मिल जाते हैं। जिसके सीनियर लोग मिलते हैं नोटों को तुरंत ही अपने पास बुला लेती है क्योंकि मूवी देखने में काफी ज्यादा चंचल और सुशील लगती थी देखने में।


जैसे ही मधु अपने सीनियर के पास जाती है तो उसे मधु अपने सीनियर से कहती है कि क्या बात है बताइए। उसका सीरियल कहता है क्या क्या तुम्हें एबीसीडी लिखने आती है। तभी मधु कहती है कि अगर मुझे एबीसीडी लिखने नहीं आती तो मैं कॉलेज में कैसे पहुंच पाती।


इतना सुनते ही सीनियर लड़के और लड़कियों को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाती है वह बुरा भला मधु को कहने लगते हैं। तभी मधु के क्लास का और उसी की समस्या का है एक लड़का मधु पर नजर पड़ती है।


जिसे वह लड़का देखता है कि जिसका नाम रमेश था। रमेश ने देखा कि उसकी क्लासमेट मधु को सीनियर लोग मिलकर उसे छेड़छाड़ तथा उसकी रैगिंग कर रहे हैं। यह देखकर रमेश को रहा नहीं है वह सीनियर के पास जाता है और कहता है कि यह जो आप लोग कर रहे हैं वह बहुत गलत बात है किसी भी लड़की को इस तरह परेशान करना बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है।


उसके बाद सीनियर लड़के तथा रमेश में काफी ज्यादा जमा हो जाता है और आखिरकार रमेश मधु को अपने साथ लेकर कॉलेज में अंदर जाना जाता है कि आज करने के लिए। जैसे ही मौजूदा था रमेश क्लास करके बाहर निकलते हैं।


रमेश से मधु कहती है कि कॉलेज में जो लड़की मुझे परेशान कर रहे थे मुझे उस से बचाने के लिए आपका शुक्रिया। तभी रमेश कहता है कि ऐसी कोई बात नहीं है तुम्हें मुझे शुक्रिया करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि तुम मेरी क्लासमेट हो और तुम्हारी सुरक्षा और रक्षा करना मेरा फर्ज होता है।


इन सभी बातों को सुनकर मधु को रमेश पर काफी ज्यादा प्यार है दया आने लगती है। अब कॉलेज मधु और रमेश दोनों साथ साथ जाते थे। साथ ही कमी से आते वक्त भी दोनों एक साथ आते थे। रमेश को पता था कि कॉलेज में बहुत सारे लड़के होते हैं इंजॉय जूनियर लोकेशन लड़कियों की रैकिंग करते हैं।


अब तो रमेश मधु को कहता है कि तुम अगर पहले आ जाओगी कॉलेज तो तुम कॉलेज अंदर मत जाना मेरा इंतजार करना बाहर ही है। जब मैं कॉलेज जाऊंगा तो मेरे साथ अंदर चलना फिर उसके बाद किसी को भी कॉलेज के अंदर तुम्हें कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं होगी।


दोनों ऐसा ही करते थे कि जो भी कॉलेज पहले आता था उन्हें इंतजार करना पड़ता था दूसरे के लिए है। ऐसा करते-करते काफी ज्यादा दिन बीत गया था उन दोनों ने अब प्रथम सेमेस्टर से प्रमोटेड होकर अब कॉलेज कि तीसरे सेमेस्टर में पहुंच चुके थे।


दोनों के एक दूसरे से मिलते मिलते 1 साल से ज्यादा हो चुके थे और दोनों आप तो अपने अपने घर में भी मोबाइल से बात किया करती थी। दोनों की काफी ज्यादा मित्रता और बेहद ही ज्यादा गहरी मित्रता कॉलेज की है समय ही हो गई थी।


अब हम दोनों मिलकर मुझको ले जाते थे क्लास करने के लिए और कॉलेज दोनों प्रतिदिन आने के कारण दोनों क्लास में अच्छी रेपुटेशन पर पहुंच गए थे। दोनों को एक साथ आते जाते देख क्लास की बहुत सारे लड़के लड़कियां दोनों के बारे में बहुत ज्यादा गलत शरद बातें किया करती थी।


लेकिन इन बातों से मधु को किसी भी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता था। क्योंकि मधु कहते थे कि हम दोनों सिर्फ एक अच्छी दोस्त है वह जिसको जो सोचना है सोचने दीजिए। हम लोग कॉलेज में साथ आते हैं साथ जाते हैं और साथ रहते हैं हमेशा ऐसे ही रहेंगे दुनिया वाले कुछ भी सोचे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है।


जैसे ही 3 साल पुरानी वाली थी आप सभी लोग अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे थे। बधाई देने के बाद परीक्षा देने के बाद आप सभी लोगों की छुट्टी होने वाली है। लेकिन मधु को इस बात की चिंता होने लगे थे कि बिना रमेश की दोस्ती के कारण वह एक कदम चलना तो दूर की बात है कॉलेज आना जाना भी नहीं चाहते थे।


आशीष मिश्रा का आखिरी एग्जाम हो रहा था तभी मधु रमेश से कहती है कि मुझे तुम्हारी बिना रहने की आदत नहीं है। हम कहां से कॉलेज तो बंद हो ही जाएगा अब तो कोई क्लास करने भी कॉलेज नहीं आएगा। मुझे आपकी आदत लग गई है मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती हूं।


उसके पास रमेश करता है कि मेरा भी हाल बिल्कुल ऐसा ही है। क्योंकि हम लोग पिछले 3 सालों से एक साथ रहते हैं एक साथ आते हैं एक साथ जाते हैं और क्लास में एक साथ पढ़ाई करते हैं। साथ ही साथ हम लोग कॉलेज के बाहर सता घर में भी एक दूसरे से फोन पर बात करते हैं।


ऐसे में कॉलेज खत्म होने के बाद आप दोनों को एक दूसरे से मिलने की तरह ने आने जाने का ख्वाब तो टूट ही गया था। इस बात की चिंता से दोनों बहुत ज्यादा परेशान थे वह सोच रहे थे कि हमें किस प्रकार से एक दूसरे के साथ फिर रहने और घूमने के लिए आएंगे।


लिखित परीक्षा अंतिम चल रहे थे परीक्षा देते देते शाम हो चुके थे। मधु और राकेश में शाम के समय जाते वक्त कोई ज्यादा खास बातचीत नहीं हो पाई थी। क्योंकि है मधु कॉलेज लेने के लिए उसके पापा आ गए हुए थे और जैसे ही वह गोरे से पैसा लेकर निकले अपने पापा के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर अपना घर चले गए थे।


घर जाते ही मधु को काफी ज्यादा अफसोस आया कि वह अपने पुराने सबसे अच्छे मित्र से कुछ बात भी नहीं कर पाई है। फिर मधु अपने घर वालों को इधर उधर जाने का इंतजार करती है जैसे ही घर वाली रह जाते हैं मधुर अपने कमरे में जाती है और राकेश को फोन करती है।


जैसे ही फोन करती है एक ही रिंग में राकेश फोन उठा लेता है और कहता है कि मुझे पता था तुम फोन जरूर करोगी। उसके बाद मैं तो कहती है कि मुझे माफ कर दीजिए मैं कॉलेज में आपसे ज्यादा बात नहीं कर पाई थी क्योंकि मेरे पापा आ गए थे मुझे लेने के लिए और बोल रहे थे जल्दी घर चलो मुझे बहुत सारा काम है।


उसके बाद में तो कहती है कि मुझे आपके बिना बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा है। उसके बाद राकेश भी कहता है कि मुझे भी और मेरे दिल से हार भी कुछ ऐसा ही है। तभी मधु कहती है कि लगता है हम दोनों को प्यार हो गया है और अब हम लोग एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं।


जैसे जैसे समय बीत रहा था वसीम उसे दोनों की दूरियां दोनों की मजबूरियां बन गई थी। क्योंकि दोनों बिना कॉलेज के अब एक दूसरे से मिल भी नहीं पा रहे थे। अब तो दोनों की व्हाट्सएप कॉलिंग कथा ऑडियो कॉलिंग पर ही ज्यादा बातचीत होती रही थी।


एक समय ऐसा है आपके दोनों 24 घंटा बात किया करते थे क्योंकि उसके बिना 1 मिनट भी दोनों में से किसी का भी मन नहीं लगता था। उसके बाद एक दिन मरोगे दी है कि क्या हम लोग इसी तरह फोन पर ही बातें करते रहेंगे सभी दिन।


अभी मधु कहती है कि मेरे घरवाले मेरे शादी के लिए लड़की देख रहे हैं। आगे मधु कहती है कि कुछ भी हो जाए मैं किसी और से शादी बिल्कुल भी नहीं करूंगी मुझे तो तुम भूल जाना पसंद हो मैं जब भी शादी करूंगी तुमसे ही करूंगी।


एक दिन मधु के माता-पिता मधु को अपने पास बुलाती है और कहती है कि देखो बेटा मैंने तुम्हारे लिए एक लड़का पसंद किया है। यह फाइल में उसकी फोटो है तुम देख कर बताओ क्या तुम्हारे लिए सही रहेगा। यह सुनते ही मधु को काफी ज्यादा गुस्सा आ जाता है वह कहती है कि मेरे लिए लड़का है या किसी प्रकार का हुआ ढूंढने का कोई जरूरत नहीं है।


क्योंकि मैं जब भी साधु करूंगी अपनी पसंद के लड़के से शादी करूंगी और अपने पसंद के लड़के को मैं बहुत पहले ही पसंद कर चुकी है। मैं उसके बिना 1 मिनट क्या 1 सेकंड भी नहीं रख सकती हूं ऐसे में किसी और से शादी करने के बारे में सोच भी नहीं सकती।


फिर मुझे भी माता-पिता मरो से रमेश की पूरी जानकारी लेते हैं। और फिर उसका घर खानदान दाता रमेश को देखने के लिए उसके घर जाते हैं। दोनों परिवारों में काफी देर तक बातचीत होती है और अंत में दोनों को का प्यार जीत जाता है। यह दोनों के घर वाले दोनों की शादी के लिए राजी हो जाते हैं। हां उसे दोनों मधुर और राकेश बिल्कुल खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।

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